उमा भारती ने महरौनी में दिए जाति विशेष वाले बयान की सच्चाई आपको भी जानना चाहिए

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बीते दिन ललितपुर के महरौली में भारतीय जनता पार्टी के झांसी ललितपुर लोकसभा से उम्मीदवार अनुराग विश्वनाथ शर्मा के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती के ठाकुरों वाले बयान पर घमासान मचा हुआ है एक तरफ जहां इसे विपक्षियों द्वारा सोची समझी साजिश बताई जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ इस सीट से उमा भारती का टिकट कट जाने के कारण अनुराग शर्मा को हराने के लिए उमा भारती के इस बयान को जानबूझकर दिए जाने की बात कही जा रही है।हालांकि उमा भारती ने इसको लेकर एक ट्वीट में स्पष्ट किया है कि उन्होंने किसी जाति विशेष को लेकर नहीं बल्कि पुराने सिस्टम पर प्रहार किया था। और इस बयान के जरिए उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधा था।

क्या बयान दिया था उमा भारती ने?

उमा भारती के जिस बयान से पूरे बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्र में घमासान मचा हुआ है। सबसे पहले आप उसे पढ़ लीजिए, कि आखिर उमा भारती ने ऐसा क्या कह दिया? जिसको लेकर विपक्ष ने उन्हें आड़े हाथ लेकर ठाकुरों के खिलाफ बयान बता दिया।

“हर गांव में एक राजा साहब होते थे जब वह निकलते थे तो गांव की प्रजा उनके हाथ जोड़ के खड़े हो जाते थे। उनके सामने पनैंयाँ नई पैर सकत तै, साइकिल पै नई बैठ सकत तै, दूल्हा घोड़ा पर नई बैठ सकत तै, ये हालत थी । राजा साहब के घरे चाहे खावे को नई होवे…बेरी के बेर खा रय, कोनऊ ने पूछ लेई कै राजा साहब का हाल है.….बोले अपनी तो जै है, अपनी तो ऐस है…अच्छा खाते है औऱ अच्छा पहनते है..….जबकि हकीकत जे हती के देरी पै बैठके बेर खा रय…ये हालत थीं, राजा साहब लोगों की” राहुल गांधी भी इसी तरह के नेता है जिनके पास है तो कुछ नहीं लेकिन वह कहते है मेरी तो अच्छी मौज की कट रही है।

आपने यदि इस बयान को पूरा पढ़ा होगा तो इसके अंत में राहुल गांधी वाली वह लाइन भी आपने ध्यान से पड़ी होगी जिसमें उन्होंने इस सारी बातों को राहुल गांधी पर बताया। लेकिन इस मुद्दे पर विपक्ष ने इसे जाति विशेष के खिलाफ उमा भारती का बयान करार दे दिया जिसके बाद ठाकुर जाति के कुछ लोग आक्रोशित हो गए। हालांकि किसी जाति के अधिकतर लोग इसे पुराने सिस्टम का हवाला दे रहे हैं।

अपने बयान पर क्या स्पष्टीकरण दिया उमा ने

जब उमा भारती के इस बयान को जाति विशेष से जोड़ कर दिखाये जाने का प्रयास किया तो उमा भारती ने भी इसको लेकर अपना स्पष्टीकरण जनता के सामने रख दिया, और ट्वीट कर इस पूरे मुद्दे पर अपनी स्पष्ट बात कही कि उन्होंने किसी जाति विशेष को लेकर यह बयान नहीं दिया था। उमा भारती ने अपने स्पष्टीकरण में कहा

“मैं कल महरौनी में अनुराग शर्मा जी के समर्थन में सभा के दौरान भाषण दे रही थी जिसमें कि मैंने कहा कि ‘कांग्रेस में अभी भी सामंतवादी सोच कायम है’। फिर मैंने सामंतवाद के बारे में कुछ पुरानी बातों का जिक्र किया जिसमें की गरीब आदमी का बहुत अपमान एवं उसे बहुत नीचा दिखाया गया था।

यह टिप्पणी किसी जाति के खिलाफ नहीं थी बल्कि एक व्यवस्था के खिलाफ थी जो कि हमारे देश में खत्म हो गई है। किंतु, कांग्रेस में यह आज भी नहरू-गांधी परिवार के रूप में विद्यमान है।

जब बुंदेलखंड सामंती शोषण का शिकार था तब गरीब ठाकुरों के परिवार भी शोषण के शिकार हुए थे। इसके कई उदाहरण हैं। इसलिए इसको किसी एक जाति से जोड़कर समाजवादी पार्टी इसका लाभ उठाने की कोशिश न करे। क्योंकि मैं अखिलेश और मुलायम के परिवार के व्यवस्था को भी सामंतवादी व्यवस्था मानती हूं।

सामंतवाद का सबसे ज्वलंत उदाहरण तो स्वयं मायावती जी भी हैं। वह भी ठाकुर जाति से नहीं हैं जिनके हाथ में सत्ता की शक्ति होती थी – उनमें से कुछ लोग सत्ता के अहंकार में डूबकर लोगों पर अन्याय करते थे।

मेरे इस टिप्पणी को व्यवस्था की जगह किसी जाति से जोड़कर राजनीति करने की मैं निंदा करती हूं। मैंने बुंदेलखंड में सामंती सोच के खिलाफ हमेशा संघर्ष किया है। यह आगे भी जारी रहेगा।

क्या है सच्चाई ?

आपने उमा भारती का वह बयान भी पढ़ लिया जो उन्होंने बीते दिन उन्होंने ललितपुर के महरौली में दिया था। और इसके बाद वह स्पष्टीकरण भी पढ़ लिया जिसमें उमा भारती ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए ट्वीट किया। अब बात आती है इस पूरे मामले की सच्चाई की। इसको लेकर कहा जा रहा है कि इस बयान से जाति विशेष को कोई समस्या नहीं है। बल्कि विपक्ष इसे भुनाना चाहती है, और इस जाति से जुड़े लोगों को इस वीडियो की क्लिप भेज कर भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ माहौल बनाया जा सके। जो वीडियो वायरल हो रही है उसमें उमा भारती की आधी बात ही सुनाई जा रही है।

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उमा भारती के बयान पर लोगों का क्या रिएक्शन है?

उमा भारती द्वारा दिए गए इस तरह के बयान पर कुछ लोग दवे ने यह भी कह रहे हैं कि हो सकता है कि उमा भारती ने यह बयान जानबूझ कर दिया हो इसको लेकर लोगों का तर्क यह है कि हो सकता है कि उमा भारती का इस सीट से टिकट कट जाने के कारण वह बौखलाई हुई है और अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ साजिश रच रही हैं ताकि वह हार जाए और पार्टी में उनका दबदबा कायम रहे। हालांकि एक्शन न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता।

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क्या निकलता है छनकर?

इस पूरे मामले को समझने के बाद एक बात जरूर सामने आती है, कि यह पूरा बखेड़ा अनुराग शर्मा के लिए खड़ा किया गया है। ताकि उनका नुकसान हो सके बात चाहे उमा भारती के जानबूझकर दिए गए इस बयान की हो या फिर विपक्ष द्वारा इस बयान को सोची समझी साजिश के तहत भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ माहौल बनाने की हो। एक बात तो तय है कि इससे दोनों तरफ से ही अनुराग शर्मा को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र है। ऐसे में आपको ऐसी अफवाहों को नजरअंदाज करना ही बेहतर हो सकता है। हालांकि अनुराग शर्मा अपने समर्थकों के साथ लगातार चुनावी प्रचार में जुटे हुए हैं। और सभी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की बात भी कह रहे हैं।

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