ललितपुर DM पर गठबंधन प्रत्याशी श्याम सुंदर सिंह यादव के आरोपों की ये है सच्चाई

ललितपुर। उत्तर प्रदेश की झांसी ललितपुर लोकसभा सीट पर जिलाधिकारी पर मतगणना में झोल करने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप समाजवादी पार्टी बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी श्यामसुंदर सिंह यादव ने लगाया है। इस दौरान उन्होंने बीते दिन ललितपुर समाजवादी कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता भी की और जिलाधिकारी पर समाजवादियों पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
झांसी ललितपुर लोकसभा सीट से गठबंधन के प्रत्याशी श्यामसुंदर सिंह यादव ने पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि ललितपुर डीएम मानवेंद्र सिंह ने एक पार्टी के पक्ष में लगातार काम किया है, और सपा और बसपा पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए। मतदान से पूर्व मतदान के दिन पार्टी के कई नेताओं को थाने में बैठाया गया। डीएम अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं, और समाजवादियों पर ना सिर्फ दबाव बना रहे हैं बल्कि पुलिस से उन पर कार्यवाही करने को भी कह रहे हैं। गठबंधन प्रत्याशी ने कहा कि मतगणना के दौरान यह इसे प्रभावित ही कर सकते हैं। ऐसे में ललितपुर डीएम को मतगणना से दूर रखा जाए। जिसको लेकर उन्होंने मतदान प्रेक्षक को भी पत्र लिखा है।
गठबंधन प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख तालबेहट महेंद्र सिंह बुंदेला, पूर्व ब्लाक प्रमुख बार रामजीवन यादव, जिला पंचायत सदस्य मानसिंह सहित कई लोगों को धमकाया गया है।

क्या है सच्चाई ?

आपको बता दें कि 29 अप्रैल को झांसी ललितपुर लोकसभा में मतदान किए गए थे। इस दौरान ललितपुर पुलिस ने उन लोगों के लिए लाल कार्ड जारी किए थे। जिन पर शक था कि यह मतदान को प्रभावित कर सकते हैं। पुलिस द्वारा जिन लोगों को लाल कार्ड जारी किया गया उनमें अधिकतर समाजवादी पार्टी से ताल्लुक रखने वाले लोग थे। मतदान के दौरान इन लोगों को थाने में ही बैठाया गया था। यही कारण है कि गठबंधन प्रत्याशी ने जिलाधिकारी ललितपुर पर यह आरोप लगाए हैं। हालांकि जिला प्रशासन का तर्क है कि जिन लोगों से मतदान में गड़बड़ी होने का संदेश था उनके वोट डलवाने के बाद उन्हें ससम्मान थाने में बैठाया गया। ताकि मतदान प्रक्रिया दूषित न हो।

क्या बोले डीएम साहब ?

जब इस मामले में पत्रकारों ने जिलाधिकारी से बात की तो उन्होंने कहा कि
गड़बड़ी फैला रहे अराजक तत्वों के खिलाफ कार्यवाही की गई थी। लाल कार्ड उनकी तरफ से नहीं बल्कि पुलिस ने एहतियातन जारी किए थे। सपा और बसपा गठबंधन के प्रत्याशी बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

Bitnami