जालौन में इसलिए बंद हुए गेहूं खरीद केंद्र, 5 क्रय केन्द्रों पर पड़ी हैं 27 हजार 548 बोरियां

जालौन। एक ओर प्रदेश सरकार किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने का दम भरती नहीं अघा रहीं हैं तो दूसरी तरफ सरकारी गेहूं खरीद केन्द्रों पर खरीद बंद होने के कारण किसान परेशान हाल इन केन्द्रों के चक्कर काट रहे हैं। ऐसा ही मामला जनपद जालौन के कोंच में देखने को मिला पिछले कोई तीन दिन तो कोई केन्द्र चार पांच दिनों से खरीद से हाथ खींचे बैठे हैं। खरीद बंद होने का मुख्य कारण माल की डंपिंग बताई जा रही है। खरीदे हुए माल की उठान नहीं होने के कारण क्रय केन्द्रों के पास और माल रखने की जगह नहीं है लिहाजा उन्होंने खरीद ही बंद कर दी है। कोंच गल्ला मंडी में बनाए गए पांच क्रय केन्द्रों पर ही 27 हजार 548 बोरियां डंप होकर रह गईं हैं, ऐसे में किसानों के सामने अपना माल बेचने की समस्या पैदा हो गई है।
गेहूं क्रय केन्द्रों का जायजा लेने पर केन्द्र प्रभारियों द्वारा बताया गया कि उनकी सारी जगह फुल हो गई है और जब तक माल की उठान नहीं होती है तब तक खरीद करना संभव नहीं है। उरई में तीन तीन, चार चार दिनों से ट्रक खड़े हैं, माल ही नहीं उतारा जा रहा है। एफ सी आई केन्द्र प्रभारी अवध लाल के मुताबिक उनके यहां 1788 कुंतल माल भरा पड़ा है डिलीवरी नही हो पा रही वेयर हाउस वाले माल ले नही रहे, इससे ज्यादा के लिए उनके पास जगह नहीं है। यूपी स्टेट एग्रो सेंटर पर भी 3119 बोरियां भरी पड़ी हैं। सभी बारियां खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं जिन्हें बंदर और अन्य जानवर नुकसान पहुंचा रहे हैं। पीसीएफ केन्द्र पर 3976 वोरियां भरी हुई डंप हैं। एफसीआई केन्द्र पर 8576 बोरियां डंप हैं जबकि आरएफसी पर 4400 बोरियां उठान की बाट जोह रहीं हैं। किसान केन्द्रों पर आठ आठ दिनों से डेरा डाले अपनी जिंस बेचने के लिए केन्द्रों पर पड़े हैं। किसानों का कहना है कि शासन के निर्देशों और जमीनी हकीकत में कोई मेल नहीं है, किसान परेशान है।

रिपोर्ट : दुर्गेश कुशवाहा

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