कटेरा : भगवान में विश्वास रखने से मिलता है सबकुछ : कृष्णकान्त शास्त्री

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कटेरा (झाँसी)। कस्बा के फूफा बब्बा परिसर में डेंगरे परिवार के तत्वावधान चल रही श्रीमद्भागवत कथा में तृतीय दिवस में  कृष्णकान्त शास्त्री ने द्रोपदी चीरहरण का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि महाभारत केवल द्रोपदी के अभिमान तथा दुर्योधन के अहंकार के कारण ही नहीं हुआ। द्रोपदी का यह कथन कि अंधे के पुत्र अंधे ही होते हैं ने भी महाभारत को जन्म दिया।

जब द्रोपदी का चीरहरण किया जा रहा था, उस समय किसी ने भी द्रोपदी की सहायता नहीं की सिवाय श्रीकृष्ण के। श्रीकृष्ण को द्रोपदी ने पूरी श्रद्धा से सहायता के लिए पुकारा था और कृष्ण ने ही द्रोपदी की लाज बचाई थी। हम सभी लोगों को ईश्वर के प्रति आस्था रखनी चाहिए, प्रभु भक्ति से ही मनुष्य भवसागर पार कर सकता है। शास्त्री जी कहा भगवान को यदि कोई सच्चेमन व मुसीबत मैं याद करता है तो भगवान उसकी हमेशा मदद करते है।

भागवत कथा को यदि मानव अपने जीवन मैं उतरले तो उसे मोक्ष की प्राप्ति होगी कथा पंडाल मैं ग्रामीण क्षेत्र की जनता पहुंच रही हैऔर खचाखच भरे पंडाल मैं कथा का रसपान कर रहे है।

आज की भागवत कथा में पारीछत संजय शिल्पी डेंगरे, हरिराम डेंगरे, जमुना डेंगरे, ओमप्रकाश डेंगरे, आनंद प्रकाश डेंगरे, रामप्रकाश डेंगरे, जगदीश डेंगरे, सीताराम डेंगरे, मनोज डेंगरे, रमेश डेंगरे, सुरेश डेंगरे, प्रदीप डेंगरे, राजीव डेंगरे, वीरेन्द्र डेंगरे, अर्पित डेंगरे, संजीव डेंगरे, नीरज डेंगरे, जग्गी नीखरा, शिवम डेंगरे, अंकित डेंगरे, अशीष डेंगरे, रामजी गुप्ता, कपिल गुप्ता, भूपेन्द्र गुप्ता, सहित बडी संख्या में श्रोताओं ने उपस्थित रहकर भागवत कथा का श्रवण किया।

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