झांसी जिला अस्पताल में डॉक्टर खेल रहे मरीजों के साथ मौत का खेल, देखते ही देखते दम तोड़ देते हैं हार्ट पेशेंट

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झांसी। यदि आप किसी हार्ट पेशेंट को जिला अस्पताल में इलाज कराने की सलाह देते हैं, तो अब आप रुक जाइए, क्योंकि यह खबर आपको दहला देगी। झांसी के जिला अस्पताल में अब मरीजों को देखने वाला शायद कोई नहीं। खासतौर पर आईसीयू, हृदय रोग केंद्र में।
ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। जिसमें इमरजेंसी में भर्ती एक हार्ट पेशेंट की जब अचानक हालत बिगड़ी तो उसको पैदल चलकर आईसीयू तक जाना पड़ा। खुद को बचाने के लिए गंभीर हालत में पैदल चलकर जब वह आईसीयू पहुंचा तो वहां उसको बचाने वाले भगवान गायब थे, यानी वहां आसपास कोई डॉक्टर नहीं था। काफी देर तक जिंदगी और मौत के बीच जद्दोजहद करने के बाद आखिरकार मरीज ने दम तोड़ दिया, लेकिन डॉक्टर अभी भी नहीं पहुंचे। बिना डॉक्टरों का यह आईसीयू आखिर किस काम का है?
बीती रात यहां देखते ही देखते देखते दो हाट पेशेंट ने अपना दम तोड़ दिया, लेकिन डॉक्टर नहीं थे. डॉक्टर कहां थे? क्या कर रहे थे? यह जांच का विषय है, लेकिन जिस किसी के भी परिवार के इन लोगों ने डॉक्टरों की लापरवाही से दम तोड़ दिया उनका क्या?
सरकार बदली, सिस्टम बदला! तो हमने भी अपना भरोसा बदल लिया. प्राइवेट अस्पतालों में मची लूट कसूर के बाद हमने एक बार फिर सरकार बदलने के बाद सरकारी अस्पतालों का रुख किया, लेकिन यहां शायद अब भी कुछ नहीं बदला है. पहले की तरह अब भी मरीजों की जिंदगी से खेला जा रहा है. यदि जल्द ही इस पर एक्शन नहीं हुआ तो हालात गंभीर हो सकते हैं।
मीडिया कर्मियों को अपनी बात बताते एक तीमारदार महेश यदुवंशी ने बताया कि रात में एक मरीज आया, अटैक का, लेकिन यहां कोई डॉक्टर नहीं थे मैंने ही उसे पंपिंग की सीने में, माउथ भी दिया और बाद में उनकी मौत भी हो गई, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आया।

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