पति की मौत हुई तो पत्नी ने भी त्यागे प्राण, एक साथ जली पति-पत्नी की अर्थियां, मचा कोहराम

महोबा। “हम तेरे बिन अब जी नहीं सकते तेरे बिना क्या वजूद मेरा” यह गाना अक्सर लोगों को प्रेमी प्रेमिका को रिझाने के लिए व्हाट्सएप स्टेटस में डालते हुए देखा जाता है, लेकिन बुंदेलखंड के महोबा में इसे सच साबित कर दिया है। 75 वर्षीय सीताराम की पत्नी उमा ने। पति की मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर से लिपटकर पत्नी ने भी अपने प्राण त्याग दिए। जब इस घटना की जानकारी आसपास के क्षेत्र कि लोगों को पता चली, तो यह खबर पूरे बुंदेलखंड में फैल गई.
यह घटना बुंदेलखंड के महोबा के गांव सिजहरी की है। यहां के रहने वाले सीताराम खरे कि विगत 1 सप्ताह पहले तबीयत खराब हो गई थी। जिसके कारण उनके परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए मध्यप्रदेश के ग्वालियर भेज दिया। जहां उनका बीते 6 दिनों से इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान आज उनकी मौत हो गई। जैसे ही इस बात की खबर उनकी पत्नी उमा को हुई, तो वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई।
पति सीताराम के पार्थिव शरीर पर सिर रखकर उमा ने भी अपने प्राण त्याग दिए। इस दौरान जो लोग उनके आसपास थे, यदि उनकी माने तो वह यह कह कर बिलखती रहीं कि आपने तो हमसे साथ जीने मरने की कसमें खाई थी, अब हमें अकेला छोड़ कर कैसे चले गए? और फिर उमा ने अपने प्राण त्याग दिए।

सच्चे मायने में पतिव्रता उमा के अंतिम दर्शनों के लिए भारी हुजूम उमड़ रहा है, और लोग इन दोनों पति पत्नी की बीच आपसी स्नेह और प्रेम की बातें कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि 75 वर्षीय सीताराम और 70 वर्षीय ओमा शादी के बाद से ही एक दूसरे से बेहद प्रेम करते थे। आस-पास के लोग इन दोनों के आपसी स्नेह और प्रेम को देखकर सीख लेते थे। खास बात यह है कि अपने पूरे वैवाहिक जीवन काल में इन दोनों पति-पत्नी की कभी आपसी लड़ाई झगड़ा देखने को या सुनने को नहीं मिला। इनकी मौत के बाद भी अब लोग यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि लाखों में एक ही ऐसा जोड़ा धरती पर आता है। जो हमें बहुत सारी सीख दे जाता है।

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