70 साल पहले देश से गायब हो चुकी लाइलाज बीमारी से ग्रसित हैं कोंच पालिकाध्यक्ष के पति

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कोंच (जालौन)। पत्नी के पालिकाध्यक्ष बन जाने के बाद पति द्वारा पालिका कार्यालय में रौब जमाना कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब ऐसा कोई व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित हो जाए तो फिर यह खतरे से खाली भी नहीं होता। ऐसा ही हाल जालौन की कोच नगर पालिका में देखने को मिला। यहां पालिका अध्यक्ष के पति छुआछूत की बीमारी से बुरी तरह ग्रसित हो गए हैं।

जिसके बाद उन्होंने एक सभासद को जातिसूचक गालियां देकर उसका अपमान तक कर डाला। और सभासद द्वारा चुने गए बर्तन भी बाहर फिकवा दिए। लेकिन शायद वह भूल गए कि यह बर्तन उनके घर से नहीं बल्कि सरकार की तिजोरी से लाए गए थे। खैर इस मामले में पुलिस जांच कर रही है, लेकिन देखना यह होगा कि अब इस जांच में यह सामने आता।

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क्या हुआ था सभासद के साथ?

नगर पालिका कोंच के मुहल्ला भगतसिंह नगर के सभासद विजय बाबा बाल्मीकि ने एक शिकायती प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है, कि जब वह नगर पालिका कार्यालय कोंच में थे। तभी पालिकाध्यक्ष पति आनंद अग्रवाल ने उनको जातिसूचक शब्दो का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। इतना ही नही सभासद का आरोप है कि जिस ग्लास से उसने पानी पिया था. उस ग्लास को भी पालिकाध्यक्ष के पति ने छुआ छूत वाली मानसिकता दिखाते हुए फेंक दिया।
जहाँ एक ओर सभासद के इन आरोपों से पालिकाध्यक्ष के पति की संकीर्ण मानसिकता की पोल खुलती है. वही दूसरी ओर पालिका कार्यालय में शासनादेशों और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की खुलेआम उड़ रही धज्जियों की भी हकीकत सामने लाकर रख दी है।

सभासद को जान माल का खतरा, लगाई गुहार

बकौल पीड़ित सभासद ने बताया कि पालिकाध्यक्ष पति और बिन फेरे हम तेरे की तर्ज पर नगर नियम कायदों को ताक पर रख पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि बनकर पालिका कार्यो में हस्तक्षेप करने वाले आनन्द अग्रवाल ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के बाद दबंगई की हद उस समय पर कर दी। जब उसने पीड़ित सभासद को रिपोर्ट करने पर जान से मारने की धमकी भी दे दी। जिसके बाद से सभासद को अपनी जानमाल का खतरा है और उसने जानमाल की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई है।

क्या बोले थाना प्रभारी और जांच अधिकारी?

इस मामले की जांच एसडीएम कोंच गुलाब सिंह द्वारा कोतवाल कोंच को सौंपी गई है. जब इस मामले की हकीकत के लिए कोतवाल कोंच से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी कुछ पता नही है। जांच रिपोर्ट आने पर बता पाऊंगा और इसके बाद जब जांच कर रहे एसआई सुरेंद्र कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैं अभी थाने से प्रार्थना पत्र लेकर चौकी आया हूँ। अब जांच के लिए मौके पर जाऊंगा। तब बता पाऊंगा। इसी के साथ उन्होंने कहा कि जो भी सही होगा। वही मेरी जांच रिपोर्ट में लिखा जाएगा।

लेकिन इस मामले में सूत्रों का कहना है कि आरोपी के पालिकाध्यक्ष पति होने के कारण पुलिस और स्थानीय प्रशासन आरोपी को क्लीन चिट देने का मन बना चुके है। जांच प्रक्रिया को एक दिखावा मात्र है। अब आरोपी के खिलाफ कार्यवाही होती है, या क्लीनचिट दी जाती है। यह भविष्य के गर्त में छिपा है।

रिपोर्ट : चित्रांश विकास श्रीवास्तव

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