चैत्र नवरात्रि का महत्व और इससे जुड़ी 10 रहस्यमयी बातें, जो हिन्दू को जानना जरूरी है

आज चैत्र नवरात्र शुरू हो गए हैं. यदि आप हिन्दू धर्म से ताल्लुक रखते हैं तो चैत्र नवरात्रि का महत्व भी समझते होंगे, और इसके साथ ही सनातन हिंदू नव वर्ष भी शुरू हो चुका है। हिंदू धर्म में एक साथ आने वाले इन दोनों पर्वों का विशेष महत्व है। आज के दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। और घट स्थापना, कलश स्थापना भी की जाती है। हिंदू धर्म प्रेमी इस अवसर को बड़ा ही शुभ मानते हैं। महिलाएं जहां 9 दिन तक व्रत रखकर अपने घर-परिवार की खुशी के लिए मां से आशीर्वाद मांगतीं हैं। तो वहीं पुरुष ही भी इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। महिला पुरुष ही नहीं, बच्चे बूढ़े भी इस उत्सव को मनाते हैं। आइए जानते हैं इस बार के चेत्र नवरात्र की खास बातें।

चैत्र नवरात्रि का महत्व : साल में 4 बार मनाया जाता है नवरात्रि का त्यौहार

सनातन धर्म के नव वर्ष की शुरुआत के साथ ही लगातार 9 दिन शुभ माने जाते हैं। क्योंकि यह 9 दिन चैत्र नवरात्रि के होते हैं। चैत्र नवरात्र का महत्व यह है कि इस में हर दिन शक्ति की देवी मां नवरात्र की पूजा होती है, और वह अपने भक्तों का कष्ट दूर करने के लिए साल में 4 बार आती है। यानी कि साल में 4 बार नवरात्र मनाया जाता है। जिनमें से दो गुप्त होते हैं, और दो प्रकट होते हैं। जिन्हें शारदीय नवरात्र या चैत्र नवरात्र के नाम से जानते हैं।

शास्त्रों के मुताबिक इस बार के चेत्र नवरात्र का महत्व हमारी सनातन परंपरा में सबसे ज्यादा है । इस बार नवरात्रि में बड़े ही अच्छे संयोग बन रहे हैं। ऐसे में लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों में शुभ कार्य कराते हैं।

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नवरात्र के पहले दिन यहां करें दर्शन

आज चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है. यानी जिस किसी की जगह पहाड़ों पर देवी मां का वास हो, वहां दर्शन करने से विशेष लाभ मिलता है। हालांकि आप सच्चे मन से कहीं भी उनकी प्रार्थना और भक्ति कर सकते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं।

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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्मावलंबियों के लिए बहुत ही खास पर्व है. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के लिए सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे तक का शुभ मुहूर्त है। ऐसे में आप घट और कलश की स्थापना कर सकते हैं.

क्यों की जाती है कलश स्थापना

आप में से तमाम लोग यह भी जानते होंगे कि आखिर कलश स्थापना क्यों की जाती है, यदि नहीं जानते तो पढ़िए, इसका भी शास्त्रों में वर्णन किया गया है। नवरात्र में कलश स्थापना को लेकर यह कहा गया है कि कलश के मुख में श्री हरि विष्णु, ब्रह्मा और महेश विराजमान रहते हैं। और कलश के मध्य में सभी देवि और देवता ऐसे में चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन कलश की स्थापना करने से एक ही बार में सभी देवी देवताओं की कृपा आती है.

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कलश स्थापित करना है चैत्र नवरात्रि का महत्व पूर्ण हिस्सा

इसको लेकर यह भी कहा जाता है, कि सनातन धर्म में 33 करोड़ देवता है, और इसमें सबसे उच्च स्थान पर शक्ति की देवी मां दुर्गा को रखा गया है। यही कारण है कि सनातन धर्म के नव वर्ष की शुरुआत के लगातार 9 दिन तक शक्ति की देवी मां की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में सबसे अधिक 33 करोड़ देवता होने के कारण सभी की आराधना करना एक चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में शास्त्रों में उल्लेख है कि आप कलश स्थापना कर एक साथ सभी देवी देवताओं की आराधना कर सकते हैं.

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Sunidhi Mishra

Sunidhi Mishra is Popular indian Web Journalist & Writer. She write news in Action News India. She also Exclusive Editor & Chief Exclusive officer @ Action News India (actionnews.in.).

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