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श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान का भंडार है, कथा व्यास

कटेरा झाँसी- स्थानीय कस्बे के वनखंडी रामटेका शक्तिपीठ आश्रम में चल रहे लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं विशाल मेला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा का वाचन करते हुए पं. कौशल तिवारी ने कहा कि भागवत कथा भगवान कृष्ण का दूसरा रूप है। कथा श्रवण से मनुष्य को पापों से मुक्ति व सर्व सुखों की प्राप्ति होती है। कथा व्यास कौशल तिवारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह श्रीकृष्ण का स्वरूप है। बुद्धिमान व्यक्ति वही है जो ज्ञान की हर बात को ग्रहण करे और अपने जीवन में अपनाए।

महापुरुषों के प्रवचनों पर अमल करने से हमें परम सुख की प्राप्ति होती है। वहीं सत्य के मार्ग पर चलने की भी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा में दिए उपदेशों पर चलकर मनुष्य इस कलयुग में ईश्वर को प्राप्त कर सकता है। कथा ज्ञान का वह भंडार है, जिसके वाचन और सुनने से वातावरण में शुद्धि तो आती ही है। साथ ही मन और मस्तिष्क के पापों को भी काटता है।

भागवत कथा के दौरान बीच-बीच में भजनों पर महिलाएं नाचती-झूमती रही। उन्होंने कलयुग के बारे में बताते हुए कहा कि राजा परीक्षित बहुत ही धर्मात्मा राजा थे। उनके राज्य में कभी भी प्रजा को किसी भी चीज की कमी नहीं थी। एक बार राजा परीक्षित आखेट के लिए गए वहां उन्हें कलयुग मिल गया। कलयुग ने उनसे राज्य में आश्रय मांगा लेकिन उन्होंने देने से इनकार कर दिया। बहुत आग्रह करने पर राजा ने कलयुग को तीन स्थानों पर रहने की छूट दी। कथा के अंत मे मुख्य यजमान कमलेश बिलगैयाँ, कैलाश साहू (पूर्व विधायक), हरिश्चंद्र पटेल पृथ्वीपुर ने आरती की। तद्पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।

रिपोर्ट- भूपेन्द्र गुप्ता

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