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लैटर ऑफ अंडर टेकिंग क्या है? जिससे PNB में हुआ महाघोटाला

लैटर ऑफ अंडर टेकिंग क्या है? जिससे PNB में हुआ महाघोटाला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में माल्या के बाद दूसरे बैंक घोटाले में एक बार फिर सामने नीरव मोदी के बाद चर्चाओं में आए एक शब्द लेटर ऑफ अंडरटेकिंग को लोग Google पर जमकर सर्च कर रहे हैं । यही वह शब्द है जिसके जरिए पूरा 11 हजार 500 करोड़ का घोटाला हुआ है, लेकिन तमाम लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर यह लेटर ऑफ अंडरटेकिंग क्या होता है ? 

आमतौर पर हम किसी को भुगतान करने के लिए अपनी तरफ से एक चेक देते हैं , ताकि वह इसे देश के किसी भी बैंक में लगाकर उसका भुगतान कर सके। ठीक इसी प्रकार का एक बैंक का कागज लेटर ऑफ अंडरटेकिंग होता है, यह लेटर बैंक की गारंटी होता है कि उपयोगकर्ता इसे विश्व के किसी भी बैंक में भुना सकता है । हालांकि इस लेटर को लेने के लिए ग्राहक को इसके बदले अपने खाते में पैसे डालने होते हैं, तभी यह जारी होता है , लेकिन नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी के साथ मिलकर ऐसे करीब 11 लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी करवा लिए थे , जिनकी रकम बैंक में जमा नहीं की गई थी । इस बात का खुलासा तब हुआ जब एक बार फिर नीरव मोदी ने बैंक से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग की बात की । वह भी बिना पैसे जमा किए, लेकिन बैंक में नए मैनेजर होने के कारण खोजबीन शुरू की तो पता चला कि ऐसे 11 लेटर ऑफ अंडरटेकिंग नीरव मोदी के नाम पर और भी जारी किए गए। जिन का बैंक में रिकॉर्ड में नहीं है।  11 लेटर ऑफ अंडरटेकिंग में करीब 11500 करोड रुपए विदेशी हांगकांग बैंक से भुना लिए गए । जिसके आधार पर बीते दिन पंजाब नेशनल बैंक की तहरीर पर सीबीआई ने नीरव मोदी समेत छह लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है , और अब इसकी तफ्तीश शुरू हुई है । ऐसा माना जा रहा है शुरुआती जांच में यह घोटाला महज 11,500 करोड़ का है , लेकिन इसकी गहराई से जांच होती है तो यह घोटाला और भी बड़ा हो सकता है ।

आपको बता दें कि लेटर ऑफ अंडरटेकिंग की समय अवधि 90 से 180 दिन की होती है । ऐसे में नीरव मोदी के नाम पर PNB द्वारा जारी किए गए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग 180 दिनों की ही हैं।

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