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लाखों रुपये की रिश्वत डकार चुके शिक्षा विभाग के आला अफसर नहीं कर रहे इस स्कूल पर कार्यवाही

टहरौली (झाँसी) – पिछले सत्र से टहरौली में फर्जी विद्यालयों की बाढ़ सी आ गयी थी । टहरौली क्षेत्र में शिक्षा माफियाओं द्वारा इंग्लिश मीडियम स्कूलों के नाम पर बिना मान्यता के कई विद्यालय कुकरमुत्तों की तरह खोल दिये थे । टहरौली क्षेत्र में संचालित हो रहे अधिकांश विद्यालयों के पास न तो कोई मान्यता है और न ही योग्य अध्यापक । लेकिन इन फर्जी विद्यालयों में फीस के नाम पर अभिभावकों से मोटी फीस बसूली जाती है । 
इन गैरमान्यता प्राप्त फर्जी विद्यालयों में ड्रेस और किताबों के नाम पर कमीशन का बड़ा खेल खेला जाता है । और इन फर्जी विद्यालय संचालकों द्वारा क्षेत्र के किसान एवं गरीब अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जाती है ।

वर्तमान में टहरौली क्षेत्र में “पी एस नायक अकादमी” (एक विवाह घर की तीसरी मंजिल पर संचालित), “सन्त आर आर डी पब्लिक स्कूल”, “बालाजी शिक्षा निकेतन”,  “शान्ति किशुन पब्लिक स्कूल” (मान्यता प्रस्तावित), “शिक्षा वर्ल्ड पब्लिक अकेडमी” (मान्यता प्रस्तावित) आदि स्कूल बगैर मान्यता के संचालित हो रहे हैं ।

पिछले वर्ष अखबारों में फर्जी विद्यालयों की खबर प्रकाशित होने पर ए.बी.एस.ए. गुरसरांय नीतू वर्मा द्वारा अधिकांश विद्यालयों में ताला डलवा दिया था और कई फर्जी विद्यालय संचालकों को टहरौली थाना लाया गया था, लेकिन बाद में इन फर्जी विद्यालय संचालकों ने ए.बी.एस.ए. गुरसरांय और ए.बी.एस.ए. चिरगांव से अपनी जुगत बैठा कर, अपने गैरमान्यता प्राप्त विद्यालय पुनः संचालित कर लिये । पूरा प्रकरण संज्ञान में होते हुये भी बी.एस.ए. झाँसी उक्त प्रकरण को नजरअंदाज करते हुऐ ही नजर आये । शिक्षा माफियाओं की शिक्षा विभाग में जड़े मजबूत होने के कारण और बड़े अधिकारियों के साथ फील गुड होने के कारण इन फर्जी विद्यालयों पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी ।

केवल इतना ही नहीं पिछले वर्ष तत्कालीन उपजिलाधिकारी टहरौली बी के त्रिपाठी ने, जालसाजी करके मान्यता प्राप्त करने वाले टहरौली के “न्यू सन शाइन पब्लिक स्कूल” के संचालक एवं विभागीय अधिकारियों पर कार्यवाही के लिये उक्त प्रकरण में विस्तृत जांच करके, बी.एस.ए. झाँसी को एक पत्र लिखा था, जिसको बी.एस.ए. झाँसी ने शिक्षा माफियाओं द्वारा “मैनेजमेंट” होने के कारण दबा दिया गया ।

रिपोर्ट : रीतेश मिश्रा “राघवेन्द्र”

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