Check the settingsक्यों किया जाता है गणेश विसर्जन ?
Breaking News
क्यों किया जाता है गणेश विसर्जन ?

क्यों किया जाता है गणेश विसर्जन ?

देश भर में गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाई जाती है। दस दिनों तक चलने वाले इस पर्व में अंतिम दिन गणपति विसर्जन किया जाता है। जितना महत्व गणपति पूजा का होता है उतना ही महत्व गणेश विसर्जन का भी होता है।

विसर्जन के दिन सुबह पूजा कर बप्पा को विसर्जन के लिए तैयार किया जाता है। नाचते-गाते और गुलाल उड़ाते हुए लोग पूरे शहर में गणपति को घुमाते हैं। इसी के साथ तरह-तरह की झाकियां भी निकाली जाती हैं।

भक्त गणेश चतुर्थी त्यौहार के दौरान उनकी पूजा करने के बाद पूरी श्रृध्दा के साथ पास के जल निकायों में भगवान गणेश की मूर्तियों को विसर्जित करते हैं।

क्यों होता है गणेश विसर्जन ?

अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि गणपति विसर्जन क्यों किया जाता है? दरअसल, गणपति विसर्जन के पीछे धार्मिक मान्यताएं हैं। धार्मिक मान्‍यताओं के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि महर्षि वेदव्‍यास ने महाभारत की कथा सुनाने के बाद भगवान गणेश का तेज शांत करने के लिए उन्‍हें सरोवर में डुबोया था। ऐसा कहा जाता है कि चतुर्थी के दिन वेदव्‍यास ने भगवान गणेश को महाभारत की कथा सुनानी शुरू की। वेदव्‍यास गणपति को लगातार 10 दिन तक कथा सुनाते रहे।

वहीं दूसरी ओर भगवान गणपति कथा लिखते रहे। आख़िर में जब कथा पूरी हुई और वेदव्‍यास ने आंखें खोली तो उन्होंने पाया कि अत्‍यधिक मेहनत की वजह से भगवान गणेश का तापमान काफी बढ़ गया है। इसके बाद वेदव्‍यास ने उनका तापमान कम करने के उद्देश्य से भगवान गणेश को सरोवर में ले जाकर स्‍नान कराया। उस दिन अनंत चर्तुदशी थी और तब से ही गणपति प्रतिमा का विसर्जन करने की परंपरा शुरू हुई।

…और गणेश उत्सव ने हिला दिया ब्रिटिश शासन

इसके अलावा गणेश विसर्जन राष्‍ट्रीय एकता का भी प्रतीक माना जाता है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने राष्ट्रीय संस्कृति और एकता को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक तौर से गणेश पूजन शुरू किया था। वहीं 1857 की असफल क्रांति के बाद देश को एक करने के इरादे से लोकमान्य तिलक ने मोहर्रम की तरह इस पर्व को सामाजिक और राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाकर इसकी फिर शुरुआत की।10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्‍सव ने अंग्रेजी शासन को हिलाने का काम भी किया और राष्ट्रीय एकता का प्रबल संचार किया।

सैयद शहनशाह हैदर आब्दी

(समाजवादी चिंतक – झांसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*