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दुर्घटना में मृत पी.आर.डी. जवान का परिवार सडक पर आया

दुर्घटना में मृत पी.आर.डी. जवान का परिवार सडक पर आया

मऊरानीपुर (झांसी)

पत्थर उबालती रही एक मां तमाम रात, ’खाकर फरेब’ सो गये बच्चे चटाई पर-

यह लाइनें आज कचहरी परिसर में उस समय एकदम सटीक बैठी जब किसी तरह गुजर बसर कर रहे परिवार के मुखिया की अचानक मौत क्या हुई पूरा परिवार पलक झपकते सडक पर आ गया, पति की मौत के बाद अब भुखमरी की कगार पर आये दलित परिवार की महिला मुखिया हर अधिकारियों की चौखट पर माथा रगड रही हैं, माथा छिल गया पर जिम्मेदारों को रहम नही आया।

आज फिर उम्मीद की किरण लिये उप,जिलाधिकारी वान्या सिंह के पास  पहुंची व दिये प्रार्थनापत्र में बताया कि एक माह पूर्व विभागीय काम से जा रहे उसके पति की दुर्घटना में मौत हो गई थी अतिंम संस्कार के बाद से वह विभाग के चक्कर काट रही है लेकिन उसकी आवाज नक्कार खाने की तूती बनकर रह गई ऐसे में पांच लोगों का परिवार झोंपडी मे पालना दुश्वार हो गया हालात भूखों मरने के आ गये है।

ग्राम दुर्गापुर निवासी अूगंठा छाप महिला श्रीमति रामदेवी अहिरवार ने बताया कि उसक पति पी.आर.डी. विभाग में कार्यरत था, गत ग्यारह मई को पति के पास विभागीय फोन आया व झांसी आने को कहा गया जिस पर पति परशुराम झाँसी गया।

जहां विभागीय कार्यालय जाते समय अझात वाहन ने झांसी के प्रधान डाकघर के पास टक्कर मार दी जिस पर उसे नाजुक हालत में अस्पताल ले जाया गया था जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।

दिये पत्र में रामदेवी ने बताया कि पति को नौकरी से जो मिलता था उससे वह अपने दो पुत्रों एवं सास ससुर सहित झोपड़ी में रहकर गृहस्थी की गाडी घसीट रही थी कि अचानक उक्त हादसे ने उसके पूरे परिवार को सडक पर ला दिया बताया कि अंतिम संस्कार के बाद विभाग से कोई अब तक कोई मदद नही की गई।

जिससे पूरा परिवार भुखमरी की कगार पर आ गया, हालात यह है कि निवालों के लाले पडे हैं। बताया कि वह झोपडी में रह रही है,दो पुत्रों के अलावा बृद्व सास, ससुर की देखभाल के बीच पेट की आग बुझाने के लिये मजदूरी करने पर आ गई लेकिन यहां भी किस्मत दगा दे गई बताया कि उसे दिहाडी मजदूरी तक नही मिल रही जिससे परिवार भरण पोषण कर सके।

टूटी फूटी झोपडी में निवास कर रही महिला मुखिया रामदेवी ने बताया कि आज तक पात्रता के बाद भी उसे गांव में सरकारी आवास न मिलने से झोपडी में रह रही हैं।

बहते आंसुओ के बीच फरियाद करती रामदेवी को भीख मांगने पर नही मिल रही महिला ने मांग की हैं कि उसे पात्रता के आधार पर सरकारी आवास दिलवाया जाये व पति की जगह मृतक आश्रित के तहत एक पुत्र को उसी विभाग में नौकरी दिलवाई जाये जिसे परिवार का भरण पोषण हो सके अन्यथा वर्तमान में एक जून की रोटी चटनी के लिये परिवार सहित तरस रही हैं।

उप जिलाधिकारी वान्या सिंह ने मामला गम्भीरता से लेते हुये ठोस व उचित कार्यवाही तुंरत करवाने का आश्वासन दिया।

रिपोर्ट- रवि अग्रवाल रठा

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