Check the settingsशिव प्रताप शुक्ला कौन हैं? क्यों बने केबिनेट मंत्री — Action News India
Breaking News
शिव प्रताप शुक्ला कौन हैं? क्यों बने केबिनेट मंत्री

शिव प्रताप शुक्ला कौन हैं? क्यों बने केबिनेट मंत्री

नई दिल्ली। आज केंद्र की मोदी सरकार ने अपने कैबिनेट से जहां कई मंत्रियों को छुट्टी दे दी है, तो वहीं कई मंत्रियों का कद बढ़ाया है। इसी बीच आज 9 नए मंत्रियों ने बतौर कैबिनेट मंत्री शपथ भी ली है। जिनमें शिव प्रताप शुक्ला, अश्विनी कुमार चौबे, वीरेंद्र कुमार, अनंत कुमार हेगड़े, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, गजेंद्र सिंह शेखावत, सत्यपाल सिंह, अल्फ़ोंस कन्ननथनम को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इन नामों को लेकर बीते काफी दिनों से चर्चाएं चल रहीं थी। लेकिन इस फेहरिस्त में शिव प्रताप शुक्ला का नाम सबसे आगे माना जा रहा था। आइये जानते है किस बजह से शिव प्रताप शुक्ला को मोदी सरकार ने कैबिनेट मंत्री जैसा अहम जिम्मा सौंपा। और शिव प्रताप शुक्ला कौन हैं?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर से तालुकात रखने वाले शिव प्रताप शुक्ला वर्तमान में राज्यसभा के सांसद हैं। 1 अप्रैल 1952 को जन्मे शिव प्रताप शुक्ला गोरखपुर के ही दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय से लॉ ग्रेजुएशन किया है। यही नहीं 2012 में उत्तर प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष पद की कमान भी संभाल चुके हैं । जबकि 1996 से 1998 तक पार्टी ने राज्यमंत्री का जिम्मा सौंपा था । शुरू से ही भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करने वाले शुक्ला विश्व हिंदू परिषद, RSS की कार्यक्रमों में भी विशेष योगदान रहा है । उत्तर प्रदेश में राजनाथ सिंह की सरकार के दौरान शिव प्रताप शुक्ला को ग्रामीण विकास मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है।

किस बजह से शिव प्रताप शुक्ला को मोदी सरकार ने कैबिनेट मंत्री जैसा अहम जिम्मा 

आपको बता दें कि विधानसभा के चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की कमान योगी आदित्यनाथ की हाथ में सौंपी गई थी। योगी आदित्यनाथ राजपूत परिवार से ताल्लुक रखते हैं । यही नहीं कहा तो यह भी जाता है कि उत्तर प्रदेश के कई जिलो में बतौर जिलाधिकारी और एसएसपी अधिकतर राजपूत देखे जा रहे हैं । उत्तर प्रदेश में भाजपा को अंदरुनी खटास का सामना करना पड़ रहा है। जिस का तोड़ निकालते हुए भारतीय जनता पार्टी ने पहले महेंद्र नाथ पांडे को उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी और अब इसके बाद उत्तर प्रदेश के ही शिव प्रताप शुक्ला को कैबिनेट में जगह दे कर ब्राह्मणों को हाथ में लिया है।

यूपी में बेचेन ब्राह्मण को चैन देने आए शिव प्रताप शुक्ल

योगी आदित्यनाथ के यूपी का सीएम बनने के बाद से सूबे का ब्राह्मण समाज बेचैन महसूस कर रहा था. सूबे में DGP सहित काफी जिलों में राजपूज समाज के जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक बैठा दिए गए हैं. इतना ही नहीं सरकारी महाअधिवक्ता भी राजपूत समाज से बनाया गया है. योगी के सत्ता पर विराजमान होते ही पूर्वांचल के ब्राह्मण नेता माने जाने वाले हरिशंकर तिवारी के घर पुलिस ने छापेमारी की. ब्राह्मणों ने इसे योगी के इशारे पर कार्रवाई मानी.  रायबरेली में 5 ब्राह्मणों की हत्या से ब्राह्मणों में बीजेपी के प्रति नाराजगी और भी बढ़ गई. इसीलिए ब्राह्मण अपने आपको ठगा हुआ महसूस करने लगा था.ऐसे में मोदी कैबिनेट में शिव प्रताप शुक्ला को जगह मिलना मतलब ब्राह्मणों का संतुलन बैठाना माना जा रहा है।