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भारत रूस सैन्य अभ्यास का पहला दिन
भारत रूस सैन्य अभ्यास 1

भारत रूस सैन्य अभ्यास का पहला दिन

बुंदेलखण्ड के झाँसी जनपद स्थित बबीना के सैन्य स्टेशन पर सोमवार 11 दिवसीय भारत-रूस सैन्य अभ्यास इन्द्र 2018 का उद्घाटन किया गया। हेलीकॉप्टर पर दोनों देश की सेनाओं के राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुये मार्च पास्ट किया गया । वहीं दोनों देश की सेना आपस में रू-ब-रू होकर सैन्य अभ्यास से जुड़ी गतिविधियों को समझा।

भारत-रूस सैन्य अभ्यास में लिया भाग

भारत-रूस सैन्य अभ्यास की तैयारियों के बीच 10वें संयुक्त सैन्य अभ्यास इन्द्र-2018 का भव्य उद्घाटन किया गया। युद्धाभ्यास में रूस संघ की 5वीं सेना तथा भारतीय सेना की ओर से मेकेनाइज्ड इंफैन्ट्री बटालियन की कम्पनी साइज की सैन्य टुकड़ियां भाग ले रही है। 18 से 28 नवंबर 2018 तक आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास इन्द्र-2018 का उद्घाटन समारोह में आयोजित परेड की संयुक्त समीक्षा भारतीय सेना की ओर से व्हाईट टाइगर डिविजन के जनरल ऑफीसर कमांडिंग मेजर जनरल पीएस मिन्हास और रूसी सेना की ओर से रूसी सेना के इस्टर्न मिलिट्ी डि्ट्रिरक्स के कमांडर मेजर जनरल सेकोव अलेग मुसोविच ने की। .

ऐसे हुआ भारत-रूस सैन्य अभ्यास

भारत रूस सैन्य अभ्यास

इस अवसर पर दोनों सेनाओं के वरिष्ठ सैन्यधिकारी मौजूद रहे। परेड के दौरान आर्मी एविएशन के एक हेलीकॉप्टर द्वारा दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए मार्च पास्ट किया गया। उद्घाटन समारोह के बाद दोनों देशों के सैन्यधिकारियों एक दूसरे के साथ रू-ब-रू हुए और सैन्यभ्यास से जुड़ी गतिविधियों को समझा । भारत रूस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के नियमानुसार संयुक्त योजनाबद्घ तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करना है। साथ ही दोनों देशों की सैन्य युद्घक रणनीतियों व सैन्य हथियारों को समझना है। इस सैन्य अभ्यास के माध्मय से दोनों देशों की सेनाओं द्वारा टीम एकजुटता के साथ ऑपरेशन के दौरान विशेष सामरिक स्तर को बढ़ाना है। .

कब तक चलेगा अभ्यास ?

झाँसी के बबीना में 18 नवम्बर से शुरू हुआ भारत और रूस सेना का सैन्य अभ्यास 28 नवम्बर तक चलेगा। इस सैन्य अभ्यास के दौरान दौनों देशों की सेना आपस मेन अपने अनुभव सांझा करेंगी । कई ट्रिक्स और टिप्स सांझा करने से दौनों सेनाओ को लाभ मिलेगा । आपको बता दें कि भारत रूस का पहला सैन्य समझौता मुम्बई में सन 1900 में शुरू हुआ था , तब से लेकर अब तक बिना किसी खटास के लगातार समझौता चला आ रहा है ।

भारत-रूस संयुक्त सैन्य अभ्यास की खास बातें

  • शुभारंभ के दौरान दोनों देशों के बैंडो ने भरा जोश
  • आतंकवाद से मिलकर मुकाबला करने का परस्पर प्रशिक्षण
  • अभ्यास से आतंकवाद को काबू करने में मदद मिलेगी

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