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चुनाव से पहले की तैयारी कैसे करें?

चुनाव से पहले की तैयारी कैसे करें?

चुनाव से पहले तैयारी कैसे करें ? सर्वप्रथम आपको यह सुनिश्चित कर लेना आवश्यक है कि आप जो चुनाव सीधे जनता के मत द्वारा संपन्न होता है , उसमें जीतने की आकांक्षा रखते हैं । अथवा केवल अपना प्रचार प्रसार कर अगले चुनाव में जीतना चाहते हैं । यह सुनिश्चित कर लेने के बाद कि आप चुनाव लड़ना चाहते हैं, और जीतना चाहते हैं तो आपको यह निर्णय लेना चाहिए कि आप चुनाव किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह से लड़ेंगे या निर्दलीय।

यदि आप किसी राजनैतिक दल के चुनाव चिन्ह से चुनाव लड़ने के इच्छुक है तो यह आवश्यक है कि आप उस दल अथवा पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को जान लें , यदि आप उन से सहमत हैं और आपके द्वारा निश्चित किए गए अपने उद्देश्यों को पाने में उस दल के माध्यम से सफलता हासिल हो तो कई वर्ष पूर्व उस दल की राजनीतिक गतिविधियों एवं क्रिया कलापों में सम्मिलित होना प्रारंभ कर दें, वैसे कुछ दल, पार्टी का टिकट देने के लिए धन की मांग करती हैं। चाहे आप कितने अच्छे कार्य करता हों । धन नहीं है तो आप जीवन भर नेताओं और पार्टियों और कार्यालयों की परिक्रमा करते रहिए कुछ हासिल नहीं होने वाला । यदि आपके पास पार्टी का टिकट खरीदने के लिए धन है तो ऐसी पार्टी से धन के बदले पार्टी का टिकट हासिल किया जा सकता है । परंतु कुछ पार्टी अपने उन्हीं कार्यकर्ताओं को ही टिकट देती हैं, जो पार्टी के प्रति वफादार रहा हो और मेहनती हो। आप स्वयं तय करें कि आप की क्या स्थिति है?

कई बार किसी नेता को किसी प्रभावशाली पार्टी का टिकट प्राप्त भी हो जाता है , किंतु वह चुनाव हार जाता है । इस प्रकार पार्टी टिकट प्राप्त होने पर भी कोई लाभ नहीं मिला पाता । इससे एक बात सिद्ध होती है कि पार्टी का टिकट प्राप्त होने से ही प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित नहीं कही जा सकती । पार्टी टिकट के साथ कई बातें जीत सुनिश्चित करती हैं । जैसे आपका व्यक्तित्व, जनता के बीच आपकी पैठ, संगठनात्मक ढांचा, चुनाव प्रचार , आपके प्रति समर्पित कार्यकर्ता , बूथ कमेटियां आदि। अगर प्रत्याशी यह सोचे कि वह अपने दम पर चुनाव जीत लेगा तो यह असंभव होगा! जब इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेई चुनाव में हार सकते हैं तो एक आम आदमी केवल पार्टी के टिकट के भरोसे चुनाव नहीं जीत सकता । प्रत्याशी अपने पर भरोसा करें परंतु उसका चुनाव प्रबंधन भी गजब का अनोखा होना चाहिए। फिर देखिए की एक साधारण से व्यक्ति भी चुनाव में जीत का स्वाद कैसे चखता है।

यह आवश्यक नहीं कि आप किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह से चुनाव लड़ना चाहते हैं अथवा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में , आवश्यक तो यह है कि आपके और जनता के बीच संबंध कैसे हैं ? चुनाव आप कोई भी लड़ना चाहते हो। ग्राम प्रधान, जिला पंचायत, छात्र संघ , नगर निकाय, विधानसभा अथवा लोकसभा आपको निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना सफलता के पायदान पर पहुंचा सकता है।

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