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गौरी लंकेश का आखिरी लेख, RSS और BJP की पोल खोलने के बाद हुई चर्चित महिला पत्रकार की हत्या
गौरी लंकेश

गौरी लंकेश का आखिरी लेख, RSS और BJP की पोल खोलने के बाद हुई चर्चित महिला पत्रकार की हत्या

हाल ही में बेंगलुरु की चर्चित पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट गौरी लंकेश की हत्या के बाद जगह जगह भारत में विरोध प्रदर्शन होने लगा है । लोग गौरी लंकेश के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं ,तो वही मीडिया घरानों में भी इसको लेकर आग भड़की हुई है । गौरी लंकेश की हत्या के बाद कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और अपनी चुप्पी तोड़ने को कहा। लेकिन मामला यहीं नहीं थमता लोग इस सवाल की तलाश में है कि आखिर गौरी लंकेश की हत्या क्यों की गई ? और किसके कहने पर करवाई गई?
दरअसल एक बात जो सामने आ रही है वह है गौरी लंकेश का आखरी संपादकीय लेख । गौरी लंकेश का आखिरी संपादकीय लेख उजागर करता है भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कई काली करतूतों को। जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। आइए जानते हैं गौरीशंकर का आखरी संपादकीय लेख में क्या था?

गौरी लंकेश का आखिरी लेख

इस हफ्ते के इश्यू में मेरे दोस्त डॉ. वासु ने गोएबल्स की तरह इंडिया में झूठी ख़बरें बनाने की फैक्ट्री के बारे में लिखा है. झूठ की ऐसी फैक्ट्रियां ज़्यादातर मोदी भक्त ही चलाते हैं. झूठ की फैक्ट्री से जो नुकसान हो रहा है मैं उसके बारे में अपने संपादकीय में बताने का प्रयास करूंगी.

अभी परसों ही गणेश चतुर्थी थी. उस दिन सोशल मीडिया में एक झूठ फैलाया गया. फैलाने वाले संघ के लोग थे. ये झूठ क्या है? झूठ ये है कि कर्नाटक सरकार जहां बोलेगी वहीं गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करनी है, उसके पहले 10 लाख का डिपॉज़िट करना होगा, मूर्ति की ऊंचाई कितनी होगी, इसके लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी, दूसरे धर्म के लोग जहां रहते हैं उन रास्तों से विसर्जन के लिए नहीं ले जा सकते हैं. पटाखे वगैरह नहीं छोड़ सकते हैं.

संघ के लोगों ने इस झूठ को खूब फैलाया. ये झूठ इतना ज़ोर से फैल गया कि अंत में कर्नाटक के पुलिस प्रमुख आरके दत्ता को प्रेस बुलानी पड़ी और सफाई देनी पड़ी कि सरकार ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है. ये सब झूठ है.

RSS और BJP के कहने पर ये फैलाते हैं झूठ – गौरी लंकेश

इस झूठ का स्रोत जब हमने पता करने की कोशिश की तो वो जाकर पहुंचा POSTCARD.IN नाम की वेबसाइट पर. यह वेबसाइट पक्के हिंदुत्ववादियों की है. इसका काम हर दिन फर्ज़ी ख़बरों को बनाकर बनाकर सोशल मीडिया में फैलाना है.

11 अगस्त को POSTCARD.IN में एक हेडिंग लगाई गई. ‘कर्नाटक में तालिबान सरकार.’ इस हेडिंग के सहारे राज्य भर में झूठ फैलाने की कोशिश हुई. संघ के लोग इसमें कामयाब भी हुए. जो लोग किसी न किसी वजह से सिद्धारमैया सरकार से नाराज़ रहते हैं उन लोगों ने इस झूठी ख़बर को अपना हथियार बना लिया.

सबसे आश्चर्य और खेद की बात है कि लोगों ने भी बग़ैर सोचे समझे इसे सही मान लिया. अपने कान, नाक और भेजे का इस्तेमाल नहीं किया.

पिछले सप्ताह जब कोर्ट ने राम रहीम नाम के एक ढोंगी बाबा को बलात्कार के मामले में सज़ा सुनाई तब उसके साथ बीजेपी के नेताओं की कई तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होने लगीं.

गौरी लंकेश ने खोली मोदी और रामरहीम के संपर्क की पोल

इस ढोंगी बाबा के साथ मोदी के साथ-साथ हरियाणा के बीजेपी विधायकों की फोटो और वीडियो वायरल होने लगे. इससे बीजेपी और संघ परिवार परेशान हो गए. इसे काउंटर करने के लिए गुरमीत बाबा के बाज़ू में केरल के सीपीएम के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के बैठे होने की तस्वीर वायरल करा दी गई. यह तस्वीर फोटोशाप की गई थी.

असली तस्वीर में कांग्रेस के नेता ओमन चांडी बैठे हैं लेकिन उनके धड़ पर विजयन का सर लगा दिया गया और संघ के लोगों ने इसे सोशल मीडिया में फैला दिया. शुक्र है संघ का यह तरीका कामयाब नहीं हुआ क्योंकि कुछ लोग तुरंत ही इसका ओरिजनल फोटो निकाल लाए और सोशल मीडिया में सच्चाई सामने रख दी.

वास्तव में पिछले साल तक राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के फर्ज़ी ख़बरों के प्रोपेगैंडा को रोकने या सामने लाने वाला कोई नहीं था. अब बहुत से लोग इस तरह के काम में जुट गए हैं, जो कि अच्छी बात है. पहले इस तरह की झूठी ख़बरें चलती रहती थी लेकिन अब झूठी ख़बरों के साथ-साथ असल ख़बरें भी आनी शुरू हो गई हैं और लोग पढ़ भी रहे हैं.

ध्रुव राठी ने खोली मोदी के झूठ की पोल

उदाहरण के लिए 15 अगस्त के दिन जब लाल क़िले से प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण दिया तो उसका एक विश्लेषण 17 अगस्त को ख़ूब वायरल हुआ. ध्रुव राठी ने उसका विश्लेषण किया था. ध्रुव राठी देखने में तो कॉलेज के लड़के जैसा है लेकिन वो पिछले कई महीनों से मोदी के झूठ की पोल सोशल मीडिया में खोल देता है.

पहले ये वीडियो हम जैसे लोगों को ही दिख रहा था, आम आदमी तक नहीं पहुंच रहा था लेकिन 17 अगस्त का वीडियो एक दिन में एक लाख से ज़्यादा लोगों तक पहुंच गया. (गौरी लंकेश अक्सर मोदी को बूसी बसिया लिखा करती थीं जिसका मतलब है जब भी मुंह खोलेंगे झूठ ही बोलेंगे).

ध्रुव राठी ने बताया कि राज्यसभा में ‘बूसी बसिया’ की सरकार ने राज्य सभा में महीना भर पहले कहा कि 33 लाख नए करदाता आए हैं. उससे भी पहले वित्त मंत्री जेटली ने 91 लाख नए करदाताओं के जुड़ने की बात कही थी. अंत में आर्थिक सर्वे में कहा गया कि सिर्फ 5 लाख 40 हज़ार नए करदाता जुड़े हैं. तो इसमें कौन सा सच है, यही सवाल ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में उठाया है.

आज की मेनस्ट्रीम मीडिया केंद्र सरकार और बीजेपी के दिए आंकड़ों को जस का तस वेद वाक्य की तरह फैलाती रहती है. मेन स्ट्रीम मीडिया के लिए सरकार का बोला हुआ वेद वाक्य हो गया है.

उसमें भी जो टीवी न्यूज चैनल हैं, वो इस काम में दस कदम आगे हैं. उदाहरण के लिए, जब रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली तो उस दिन बहुत सारे अंग्रेज़ी टीवी चैनलों ने ख़बर चलाई कि सिर्फ एक घंटे में ट्विटर पर राष्ट्रपति कोविंद के फॉलोअर की संख्या 30 लाख हो गई है. वो चिल्लाते रहे कि 30 लाख बढ़ गया, 30 लाख बढ़ गया.

साभार : कस्बा संकलन रवीश कुमार