कहते हैं औरंगजेब आलमगीर मुगल शासकों में सबसे क्रूर शासक था। क्योंकि उसने अपने माँ बाप मुमताज और शाहजहां को ही कैद कर लिया था । कहा जाता है कि औरंगजेब ने हिंदुओं के सारे मंदिर भी तुड़वा दिए थे। मुगल शासकों में यह हिंदुओं से सबसे ज्यादा नफरत करने वाला शासक भी माना गया है, लेकिन कई बातें ऐसी भी है जो हर किसी को हैरान कर सकती हैं। कहा जाता है कि औरंगजेब यदि 20 साल और शासन न करता । यानी अंग्रेज भारत न आ पाते तो इतिहास में उसकी छवि कुछ और ही होती । क्योंकि अंग्रेजों ने अपनी नीति फूट डालो और राज करो कि तहत हिंदू और मुसलमान में भी फूट डालने का काम किया, और औरंगजेब को हिंदू विरोधी शासक बता दिया। जिसे पुराने इतिहासकारों ने भी स्वीकार कर लिया।

औरंगजेब चार भाई थे । और मुगल रीति-रिवाजों के मुताबिक अपने पिता की राजपाट पर चारों बेटों का बराबरी का हक माना जाता था । ऐसे में शाहजहां का राजपाट किसे मिलता ? जिसको लेकर चारों में रस्साकशी चल रही थी । इतिहास के कुछ पन्ने टटोलने पर पता चलता है कि औरंगजेब ने अपने बड़े भाई दारा शिकोह की हत्या इसलिए कर दी थी, कि उसके पिता शाहजहां चाहते थे कि दारा शिकोह ही राजा बने। लेकिन औरंगजेब अपने आप को सबसे योग्य शासक मान बैठा था।

औरंगजेब का इतिहास

मुगलों के इतिहास में अकबर के बाद से शासकों में हिंदुओं के प्रति उदारता देखी गई। लेकिन इसके ठीक विपरीत औरंगजेब का शासनकाल शुरू होते ही हिंदुओं के प्रति क्रूरता का ऐसा कुचक्र चला की वह सारी बातें इतिहास में छप गई । यही नहीं सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर को भी औरंगजेब ने फांसी पर लटका दिया। क्योंकि उसकी कोप से परेशान कश्मीरी हिंदुओं ने गुरु तेग बहादुर से मदद मांगी थी। इस पर उन्होंने इसका विरोध किया था । इसी कारण औरंगजेब ने तेग बहादुर को फांसी के तख्ते पर लटका दिया। इस दिन को सिक्ख आज भी त्यौहार के रूप में मनाते हैं।

औरंगजेब का मकबरा कहाँ है

औरंगज़ेब का मकबरा भारत के महाराष्ट्र राज्य के खुलदाबाद नामक स्थान पर स्थित है। इसे औरंगजेब के मरने के बाद बड़ी शालीनता से बनवाया गया था। खास बात यह है कि अन्य मुगल शासकों के मकबरे की तुलना में औरंगजेब का मकबरा सबसे कम लागत का है । औरंगजेब का कहना था कि उसके मरने के बाद इन सब कामों में कम से कम धन खर्च किया जाए।

औरंगजेब का वाकया

आप ने औरंगजेब को हिंदुओं के प्रति सबसे क्रूर शासक जरूर सुना होगा । यह भी सुना होगा कि औरंगजेब ने हिंदुओं के सारे मंदिर तोड़वा दिए थे। लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है और कितनी अफवाह इसकी कोई तथ्य आज तक सामने नहीं आए हैं। लेकिन एक तथ्य है जो हम सभी के सामने हैं। और इतिहासकारों ने भी इस पर अपनी मुहर लगाई है । वह यह कि औरंगजेब के प्रशासन में सबसे ज्यादा हिंदू नियुक्त थे । सभी वरिष्ठ पदों पर वह हिंदुओं को ही रखता था । जिसमें शिवाजी भी शामिल थे । ऐसे मैं यह कहना उचित नहीं होगा वह हिंदुओं के प्रति क्रूरता रखता था। यही नहीं औरंगजेब ने हिंदुओं को मंदिर बनवाने के लिए काफी धन भी दिया जिसमें मथुरा बनारस इलाहाबाद अहमदाबाद समेत कई जगहों पर विशाल मंदिर बनाए गए । जो आज भी ऐतिहासिक हैं।

औरंगजेब की धार्मिक नीति

औरंगजेब बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति का व्यक्ति था । वह इस्लाम धर्म को बखूबी मानता था। और इस्लाम धर्म के हिसाब से ही अपने शासन को चलाता था । उसने भांग की खेती करने पर भी पाबंदी लगाया था। इसके अलावा उसने तमाम ऐसे काम बंद किए थे। जो इस्लाम धर्म के खिलाफ है । लेकिन उन सब के बीच उसने हिंदू पर्वों पर भी रोक लगा दी थी । यानी कि उसके शासनकाल में हिंदू खुलकर त्यौहार नहीं मना पाते थे।

मृत्यु

अपने अंतिम समय में औरंगजेब दक्षिण भारत चला गया । करीब 25 साल तक उसने वहीं से अपना राज काज संभाला । इस दौरान उसके साथ कई लोगों का काफिला भी गया था । दक्षिण भारत के गुजरात में पढ़ने वाला अहमदनगर में उसकी मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद मुगल शासन का अंत हो गया । मुगल शासन के अंत के पीछे औरंगजेब की हिंदुओं के प्रति कुटिल नीति मानी जाती है । तो दूसरी तरफ अंग्रेजों द्वारा हिंदू मुस्लिमों के बीच ताली की वोट भी इसका एक कारण है।

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